मथुरा नाव हादसे पर पीएम मोदी का मुआवजा ऐलान, राहत कार्य तेज
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Mathura-Boat-Accident-PM-Modi-Compensation-Announcement
मथुरा के वृंदावन में नाव पलटने से 10 श्रद्धालुओं की मौत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुआवजे और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, एनडीआरएफ और सेना की टीम राहत कार्य में जुटी, हादसे के कारणों की जांच जारी।
पांटून पुल की मरम्मत के दौरान हादसे की आशंका, नदी सुरक्षा और नाव संचालन पर उठे गंभीर सवाल।
Mathura Boat Accident/ मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने की दुखद घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में अब तक 10 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब पंजाब के लुधियाना से आए करीब 30 श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे। यमुना नदी में स्टीमर सवार होकर पार करते समय नाव पांटून पुल से टकरा गई और पलट गई, जिससे लोग नदी में गिर गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मथुरा के एसपी (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि पांटून पुल की मरम्मत का काम चल रहा था, जिसके कारण यह दुर्घटना हो सकती है।
बचाव कार्य में एनडीआरएफ और सेना की टीमों को भी लगाया गया है, जो लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और राहत कार्य में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने पहले ही अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है।
यह घटना एक बार फिर नदी सुरक्षा और नाव संचालन के मानकों को लेकर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों को और सख्त करने की जरूरत है।